प्यारी और मासूम है सूरत,
पर मन चंचल है,
सच्चे दिल का शहजादा है,
और नटखट है,
एक बात की बात बनाकर
वो रखता है,
अपनी बातों में उलझाकर
वो रखता है,
तुतलाता है बात-बात पर
गुस्साता है,
थोङा सा भी प्यार करो तो
खिल जाता है,
प्यार बहुत करता है मुझसे
वो जतलाता है,
बार-बार वो गले से मेरे लग
जाता है,
देख उसे मन की चिन्ताऐं
मिट जाती हैं,
अंधकार की सभी घटायें
छट जाती है।
पर मन चंचल है,
सच्चे दिल का शहजादा है,
और नटखट है,
एक बात की बात बनाकर
वो रखता है,
अपनी बातों में उलझाकर
वो रखता है,
तुतलाता है बात-बात पर
गुस्साता है,
थोङा सा भी प्यार करो तो
खिल जाता है,
प्यार बहुत करता है मुझसे
वो जतलाता है,
बार-बार वो गले से मेरे लग
जाता है,
देख उसे मन की चिन्ताऐं
मिट जाती हैं,
अंधकार की सभी घटायें
छट जाती है।
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प्रीती बङथ्वाल "तारिका"
