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“अब
की बारिश में,
ये
ख्वाब भीग जाएंगे,
गर
उनकी आखों में कहीं,
हम नजर आएंगे।“
“वो
कहते ही नहीं थे,
जुबा
से.....कहानी अपनी,
हम
अपनी कहानी में,
….उनकों
बतायेंगे,
गर
उनकी आखों में कहीं,
हम नजर
आएंगे।“
प्रीती बङथ्वाल (तारिका)
चित्र-सोजन्य(गूगल)