Thursday, October 29, 2009

मेरे बिस्तर के सिरहाने.............







न पूछो क्यों, हम नींद में, 
हंसते हैं, और कभी रोते हैं, 
ख्वाब में अक्सर........,  
दर्द की यादों में, तो कभी,  
खुशियों की महफलों में होते हैं।



यूं ही मिलते हैं हम,  
जमाने से मुलाकातों में, 
वर्ना तो मिलने में ही,  
जमाने होते हैं, 
खूबसूरत सी मुलाकात हुई हो कोई, 
बस वही ख्वाब.........,  
बिस्तर के सिरहाने होते हैं।
..........



 प्रीती बङथ्वाल तारिका  
(चित्र साभार गूगल)


15 comments:

Dipak 'Mashal' said...

Ek prashansneeya kavita likhi aapne...
sundar srijan..

Jai Hind

M VERMA said...

बस वही ख्वाब.........,
बिस्तर के सिरहाने होते हैं।
बिस्तर का दायित्व है कि वह हर रोज सिरहाने कोई ख्वाब रख जाये. क्या शब्द चयन किया है आपने :
यूं ही मिलते हैं हम,
जमाने से मुलाकातों में,
वर्ना तो मिलने में ही,
जमाने होते हैं,
बहुत ही सुन्दर रचना

Udan Tashtari said...

क्या बात है...उम्दा...बहुत दिनों बाद...अब नियमित हो जाओ!!

अजय कुमार said...

खूबसूरत सी मुलाकात हुई हो कोई,

बस वही ख्वाब.........,

बिस्तर के सिरहाने होते हैं।

mann prasann ho gaya

मीत said...

behad khoobsurat.....
bahut acha laga padhkar...
keep it up
meet

ओम आर्य said...

BAHUT HI SAHI LIKHA HAI ............JO HAMARE KHWAAB HOTE HAI WAH HAMARE CHAND MULAKATO KI HI TO DEN HOTI HAI ..........BEHAD SUNDAR RACHANA

राज भाटिय़ा said...

लाजबाव, अति सुंदर रचना.
धन्यवाद

BAD FAITH said...

न पूछो क्यों, हम नींद में,
हंसते हैं, और कभी रोते हैं, . पूछ्ने पर भी क्या हम बता सकते है ?
अच्छा लिखा है.

अनिल कान्त : said...

Bahut Khoobsurat Rachna likhi hai aapne

महफूज़ अली said...

behad khoobsoorat rachna......

खूबसूरत सी मुलाकात हुई हो कोई,
बस वही ख्वाब.........,
बिस्तर के सिरहाने होते हैं।

in lines ne dil chhoo liya...

aapko itne dinon ke baad dekh ke achcha laga...

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत सुंदर रचना.

रामराम.

कुलवंत हैप्पी said...

शायद भगवान के पास भी आज जैसे इंसान होते तो सपनों में ही दुनिया भर की सैर कर लेते। सब से मिल आते।

गजेन्द्र बिष्ट said...

खूबसूरत सी मुलाकात हुई हो कोई,
बस वही ख्वाब.........,
बिस्तर के सिरहाने होते हैं।
WOW!!
Good one, Regards,
htt://ghughuti.com/gajender

अनूप शुक्ल said...

अरे वाह! इतने दिन बाद लिखा और उसे भी मैंने इतने दिन बाद देखा। वाह!

mankoghar said...

your blog is so good . go ahead you will get sucess.

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