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शुभ नवरात्रि
मां तेरे रंग में रंग जांएगे,
मां तेरे ही हम गुण गाएंगे,
हम बच्चें तेरे हैं, तू है मैया,
मां पार लगा दे नैया, मां पार लगा दे नैया।
तू दर आये की सुनती,
तू हर खुशियों को बुनती,
मेरी इक आस है मैया,
मेरे घर भी आये मैया,
मां पार लगा दे नैया, मां पार लगा दे नैया।
इस जगत में भटक रहें हैं,
किस बात को तरस रहें हैं,
ये समझ में आये कहीं ना,
तू अब राह दिखादे मैया,
मां पार लगा दे नैया, मां पार लगा दे नैया।
भक्तों की आस तुम्हीं हो,
भक्तों की आवाज़ तुम्हीं हो,
भगती को ऐसे, ठुकराओ नहीं मां,
हमें गले लगा ले मैया,
मां पार लगा दे नैया, मां पार लगा दे नैया।
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प्रीती बङथ्वाल “तारिका”
(चित्र – साभार गूगल)



