मैं एक आंसू हूं,
ठहर नहीं पाऊंगी,
जब भी बुलाओगे मुझे,
मैं पास आ जाऊंगी।
दर्द की तन्हाइयों में हमेशा,
रास्ते पे नजर आऊंगी,
मैं एक आंसू हूं,
ठहर नहीं पाऊंगी।
अपनी खुशियों में,
न शामिल कर सकोगे मुझे,
लेकिन गमों में,
मैं साथ निभाऊंगी,
मैं एक आंसू हूं,
ठहर नहीं पाऊंगी,
जब भी बुलाओगे मुझे,
मै पास आ जाऊंगी।
............
ठहर नहीं पाऊंगी,
जब भी बुलाओगे मुझे,
मैं पास आ जाऊंगी।
दर्द की तन्हाइयों में हमेशा,
रास्ते पे नजर आऊंगी,
मैं एक आंसू हूं,
ठहर नहीं पाऊंगी।
अपनी खुशियों में,
न शामिल कर सकोगे मुझे,
लेकिन गमों में,
मैं साथ निभाऊंगी,
मैं एक आंसू हूं,
ठहर नहीं पाऊंगी,
जब भी बुलाओगे मुझे,
मै पास आ जाऊंगी।
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प्रीती बङथ्वाल "तारिका"
(चित्र- सभार गुगल)

